इलाहाबाद हाईकोर्ट में मदरसों की एटीएस से जांच कराने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई चार मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने मदरसा प्रबंधन समिति और टीचर एसोसिएशन मदरिस अरबिया वाराणसी की याचिका पर दिया है।

याची ने मदरसों की जांच आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) से कराने के नौ दिसंबर 2025 को जारी आदेश को चुनौती दी है। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके मुवक्किल उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन अधिनियम 2004 व उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा विनियम 2016 के तहत कार्य कर रहे हैं।

जारी जांच संबंधी आदेश में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह संदेह हो कि मदरसों को किसी बाहरी स्रोत से फंडिंग मिल रही है। इसलिए एटीएस से जांच कराने का आदेश पूरी तरह निराधार और मनमाना है तथा इसमें अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने दलील दी कि यह याचिका समय से पहले दायर की गई है, क्योंकि अभी केवल जांच कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलता है तो उसी के अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याची का कहना था कि वह नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। ऐसे में राज्य को सुना जाएगा कि उन्होंने किन आधारों पर आदेश जारी किया है।

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